ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
संज्ञान / संगठन सूक्त (१०.१९१.३)

संज्ञान / संगठन सूक्त (१०.१९१.३) वैदिक मंत्र

ॐ समानो मन्त्रः समितिः समानी समानं मनः सह चित्तमेषाम् । समानं मन्त्रमभि मन्त्रये वः समानेन वो हविषा जुहोमि ॥

समान उद्देश्य की सिद्धि, सामूहिक संकल्प की दृढ़ता, मतभेदों का निराकरण एवं संगठित विकास।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

समान उद्देश्य की सिद्धि, सामूहिक संकल्प की दृढ़ता, मतभेदों का निराकरण एवं संगठित विकास।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

समान उद्देश्य की सिद्धि, सामूहिक संकल्प की दृढ़ता, मतभेदों का निराकरण एवं संगठित विकास

जाप विधि

राष्ट्रीय या सामाजिक अनुष्ठानों में नेतृत्वकर्ता द्वारा उपस्थित जनों के साथ ३ बार सस्वर गान अथवा आहुति के साथ प्रयोग।

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