भगवान गणेश नाम मंत्र
मंगलमूर्ति
सर्वत्र शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार एवं अमंगल का नाश।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्वत्र शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार एवं अमंगल का नाश।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्वत्र शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार एवं अमंगल का नाश
जाप विधि
घर या प्रतिष्ठान (व्यापार स्थल) में प्रवेश करते समय वैखरी जप।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः ॥
mool mantraॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय
gyan mantraशुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमामाद्यां जगद्व्यापिनीं वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम् । हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ॥
jap mantraॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
kaamya mantraप्रणतानां प्रसीद त्वं देवि विश्वार्तिहारिणि। त्रैलोक्यवासिनामीड्ये लोकानां वरदा भव॥
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4