भगवान विष्णु नाम मंत्र
मधुसूदन
अहंकार रूपी 'मधु' दैत्य का वध, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध) का शमन एवं शांति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अहंकार रूपी 'मधु' दैत्य का वध, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध) का शमन एवं शांति।
इस मंत्र से क्या होगा?
अहंकार रूपी 'मधु' दैत्य का वध, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध) का शमन एवं शांति
जाप विधि
अहंकार या अज्ञान के उदय होने पर या संकट के समय उच्च स्वर में स्मरण।
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