ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान विष्णु

भगवान विष्णु नाम मंत्र

मधुसूदन

अहंकार रूपी 'मधु' दैत्य का वध, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध) का शमन एवं शांति।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अहंकार रूपी 'मधु' दैत्य का वध, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध) का शमन एवं शांति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अहंकार रूपी 'मधु' दैत्य का वध, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध) का शमन एवं शांति

जाप विधि

अहंकार या अज्ञान के उदय होने पर या संकट के समय उच्च स्वर में स्मरण।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

stotra mantra

रामो राजमणि: सदा विजयते रामं रमेशं भजे । रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नम: । रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोऽस्म्यहम् । रामे चित्तलय: सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर ॥ 16

ugra mantra

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रीं ॐ

sabar mantra

ॐ पीर बजरंगी राम लक्ष्मण के संगी, जहां जहां जाए, फतह के डंके बजाये, दुहाई माता अञ्जनि की आन 9

navgrah mantra

ॐ आदित्याय सोमाय मङ्गलाय बुधाय च। गुरु शुक्र शनिभ्यश्च राहवे केतवे नमः॥

jap mantra

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

dhyan mantra

कस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्षःस्थले कौस्तुभं नासाग्रे नवमौक्तिकं करतले वेणुं करे कङ्कणम्। सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलिं गोपस्त्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणिः॥