माँ लक्ष्मी नाम मंत्र
महालक्ष्मी
राजसी ऐश्वर्य, व्यापार में अप्रत्याशित वृद्धि एवं समाज में वर्चस्व।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
राजसी ऐश्वर्य, व्यापार में अप्रत्याशित वृद्धि एवं समाज में वर्चस्व।
इस मंत्र से क्या होगा?
राजसी ऐश्वर्य, व्यापार में अप्रत्याशित वृद्धि एवं समाज में वर्चस्व
जाप विधि
शुक्रवार को कमल के पुष्प अर्पित करते हुए या लाल आसन पर बैठकर स्मरण।
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ॐ भम भैरवाय नमस्तुभ्यम कपाले कृपणाय चंड मुंड विनाशाय वीरभद्र स्वरूपण सर्वत्र प्रभ देव रक्षक सुरा त्रोक्य विजय संभो नमस्ते काल रूपण ओम छम काल भैरवाय क्रूर रूपाय विकिरण मूर्धने श्री नेत्राय खग धणे दुर्जया भय हराय सर्व शत्रु संारकाय स्वाहा
siddh mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः ॥
stotra mantraन मां त्यजेथाः श्रितकल्पवल्लि सद्भक्ति-चिन्तामणि-कामधेनो । न मां त्यजेथा भव सुप्रसन्ने गृहे कलत्रेषु च पुत्रवर्गे ॥ 27
vaidik mantraॐ हस्ताभ्यां दशशाखाभ्यां जिह्वा वाचः पुरोगवी । अनामयित्नुभ्यां हस्ताभ्यां ताभ्यां त्वाभि मृशामसि ॥
shanti mantraॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraॐ धूं धूं धूमावती ठ: ठ: ठ: स्वाहा