माता कात्यायनी काम्य मंत्र
ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
कन्याओं के विवाह में होने वाले अनावश्यक विलंब को दूर कर सुयोग्य पति की शीघ्र प्राप्ति 13।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कन्याओं के विवाह में होने वाले अनावश्यक विलंब को दूर कर सुयोग्य पति की शीघ्र प्राप्ति 13।
इस मंत्र से क्या होगा?
कन्याओं के विवाह में होने वाले अनावश्यक विलंब को दूर कर सुयोग्य पति की शीघ्र प्राप्ति
जाप विधि
शुक्ल पक्ष की शुभ तिथि या शुभ नक्षत्र में आरम्भ कर, नित्य १ या ३ माला समान संख्या में ४४ दिन या १०० दिन तक जप करें। अथवा ब्राह्मणों द्वारा ७ दिन में सवा लाख मंत्रों का अनुष्ठान करवाएं 13।
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ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः ॥
mool mantraॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय
gyan mantraॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
jap mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
kavach mantraश्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27
dhyan mantraध्येयः सदा सवितृमण्डलमध्यवर्ती नारायणः सरसिजासनसन्निविष्टः। केयूरवान्मकरकुण्डलवान् किरीटी हारी हिरण्मयवपुर्धृतशङ्खचक्रः॥