भगवान शिव / शिव पञ्चाक्षर स्तोत्र स्तोत्र मंत्र
शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्दसूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय। श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै शि काराय नमः शिवाय्॥ 19
पञ्च तत्वों पर पूर्ण नियंत्रण, भगवान शिव की कृपा प्राप्ति, शिवलोक की प्राप्ति और शाश्वत आनंद का लाभ 19।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पञ्च तत्वों पर पूर्ण नियंत्रण, भगवान शिव की कृपा प्राप्ति, शिवलोक की प्राप्ति और शाश्वत आनंद का लाभ 19।
इस मंत्र से क्या होगा?
पञ्च तत्वों पर पूर्ण नियंत्रण, भगवान शिव की कृपा प्राप्ति, शिवलोक की प्राप्ति और शाश्वत आनंद का लाभ
जाप विधि
शिव सान्निध्य (शिवलिंग के समक्ष) बैठकर नियमित रूप से पाठ करें। महाशिवरात्रि तथा प्रदोष के अवसर पर विशेष जप लाभप्रद है 19।
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kaamya mantraत्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥
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ugra mantraॐ हूं स्फारय-स्फारय, मारय-मारय, शत्रु-वर्गान् नाशय-नाशय स्वाहा
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