भगवान श्रीविष्णु / नारायण कवच स्तोत्र मंत्र
त्वं तिग्मधारासिवरारिसैन्यमीशप्रयुक्तो मम छिन्धि छिन्धि। चर्मञ्छतचन्द्र छादय द्विषामघोनां हर पापचक्षुषाम्।। 7
दैवीय सुरक्षा, जीवन में संकटों से मुक्ति, आत्मबल में वृद्धि और मोक्ष प्राप्ति 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दैवीय सुरक्षा, जीवन में संकटों से मुक्ति, आत्मबल में वृद्धि और मोक्ष प्राप्ति 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
दैवीय सुरक्षा, जीवन में संकटों से मुक्ति, आत्मबल में वृद्धि और मोक्ष प्राप्ति
जाप विधि
'ॐ अस्त्राय फट्' मंत्र से दिग्बंध करने के पश्चात् न्यास सहित पूर्ण श्रद्धा से पाठ करें 6।
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ॐ अक्षय श्री छिन्नमस्ता देवी जगत निवासनी अदृश्य सिद्धि शून्य गमन विजयै मम सिद्धि देहि देहि प्राण देहि देहि मम अमुक गौत्र अमुक शर्मा ह गुरूत्वाकर्षण शक्ति नाशय शून्य सिद्धि प्राप्तर्थं शक्ति स्याद विनियोग
siddh mantraॐ महा काल्यै छ विद्महे स्मसन वासिन्यै छ धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
vaidik mantraॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स भूमिं विश्वतो वृत्वात्यतिष्ठद्दशांगुलम् ॥
tantrik mantraॐ क्षं कृष्ण वाससे, सिंह वदने, महा वदने, महा भैरवि, सर्व शत्रु कर्म विध्वंसिनि, परमंत्र छेदिनि, सर्व भूत दमनि, सर्व भूतां बंध बंध, सर्व विघ्नान् छिन्दि छिन्दि, सर्व व्याधिं निकृंत निकृंत, सर्व दुष्टान् पक्ष पक्ष, ज्वाल जिव्हे, कराल वक्त्रे, कराल दंष्ट्रे, प्रत्यंगिरे ह्रीं स्वाहा
bhakti mantraॐ सूर्याय नमः
naam mantraजय राम