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उद्देश्य अनुसार मंत्र
माता लक्ष्मी / श्रीसूक्तम् (ऋग्वेद)

माता लक्ष्मी / श्रीसूक्तम् (ऋग्वेद) स्तोत्र मंत्र

महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् । 29

ऋण, दरिद्रता, रोग, और अकाल मृत्यु का नाश; ऐश्वर्य, आयु, और धन-धान्य की प्राप्ति 29।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारस्तोत्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

ऋण, दरिद्रता, रोग, और अकाल मृत्यु का नाश; ऐश्वर्य, आयु, और धन-धान्य की प्राप्ति 29।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ऋण, दरिद्रता, रोग, और अकाल मृत्यु का नाश

02

ऐश्वर्य, आयु, और धन-धान्य की प्राप्ति

जाप विधि

विधिवत दीक्षा उपरांत दैनिक श्रीविद्या व यन्त्र उपासना के अंतर्गत जप किया जाता है 29।

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