षोडशी महाविद्या (त्रिपुर सुंदरी) सिद्ध मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः ॥
सांसारिक आनंद (Pleasure) और आध्यात्मिक मुक्ति (Liberation) दोनों की एक साथ प्राप्ति 22। यह शरीर, मन और भावनाओं को पूर्ण रूप से नियंत्रित करने की शक्ति देता है 22। साधक को सम्मोहन, वशीकरण, पारिवारिक सु
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सांसारिक आनंद (Pleasure) और आध्यात्मिक मुक्ति (Liberation) दोनों की एक साथ प्राप्ति 22। यह शरीर, मन और भावनाओं को पूर्ण रूप से नियंत्रित करने की शक्ति देता है 22। साधक को सम्मोहन, वशीकरण, पारिवारिक सुख, असीम सौंदर्य और अंततः परम शिव-शक्ति के मिलन का बोध प्राप्त होता है 22।
इस मंत्र से क्या होगा?
सांसारिक आनंद (Pleasure) और आध्यात्मिक मुक्ति (Liberation) दोनों की एक साथ प्राप्ति 22
यह शरीर, मन और भावनाओं को पूर्ण रूप से नियंत्रित करने की शक्ति देता है 22
साधक को सम्मोहन, वशीकरण, पारिवारिक सुख, असीम सौंदर्य और अंततः परम शिव-शक्ति के मिलन का बोध प्राप्त होता है
जाप विधि
श्री यंत्र की स्थापना कर षोडशोपचार या पंचोपचार पूजन के साथ इस मंत्र का जप किया जाता है 22। देवी को १६ वर्ष की कन्या (राजराजेश्वरी) के रूप में ध्यान किया जाता है जो ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र, ईश्वर और सदाशिव के आसन पर विराजमान हैं 22। पूर्णिमा और अमावस्या साधना इसमें विशेष फलदायी है 23।
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ह्रीं क्षं भक्ष ज्वाला जिह्वे कराल दंष्ट्रे प्रत्यंगिरे क्षं ह्रीं हूं फट्
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jap mantraसोऽहम्