गरुड़ सिद्धि सिद्ध मंत्र
ॐ पक्षि स्वाहा
भयंकर रोगों और महामारियों से रक्षा 81। सिद्ध धर्म के अनुसार यह नाड़ी बंध (Energy blockages) को खोलकर कुण्डलिनी ग्रंथि का भेदन करता है 80।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भयंकर रोगों और महामारियों से रक्षा 81। सिद्ध धर्म के अनुसार यह नाड़ी बंध (Energy blockages) को खोलकर कुण्डलिनी ग्रंथि का भेदन करता है 80।
इस मंत्र से क्या होगा?
भयंकर रोगों और महामारियों से रक्षा 81
सिद्ध धर्म के अनुसार यह नाड़ी बंध (Energy blockages) को खोलकर कुण्डलिनी ग्रंथि का भेदन करता है
जाप विधि
इस बीज मंत्र का तीव्र गति से ध्यान और जप किया जाता है 81।
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ॐ अर्हं मुखकमलवासिनी पापात्मक्षयंकारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा ॥
jap mantraॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परमपुरुषाय परमात्मने परकर्ममन्त्रयन्त्रौषधास्त्रशस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय दीप्त्रे ज्वालापरीताय सर्वदिक्षोभणकराय हुँ फट् ब्रह्मणे परंज्योतिषे स्वाहा
mool mantraॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रीमे ह्रौं क्षं क्षेत्रपालाय काल भैरवाय नमः
kaamya mantraहारेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला। अपराजिता भद्ररता करोतु विजयं मम॥
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
sabar mantraओम ह्रीम नजर उतरजा कुरु कुरु स्वाहा 26