श्री राधा नाम मंत्र
श्री राधे
लौकिक ऐश्वर्य के साथ-साथ परम कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति एवं सौभाग्य में वृद्धि।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
लौकिक ऐश्वर्य के साथ-साथ परम कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति एवं सौभाग्य में वृद्धि।
इस मंत्र से क्या होगा?
लौकिक ऐश्वर्य के साथ-साथ परम कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति एवं सौभाग्य में वृद्धि
जाप विधि
तुलसी माला पर अत्यंत आदर और प्रेमपूर्वक वैखरी या मानसिक जप।
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ugra mantraॐ नमो विपरीत-प्रत्यंगिरायै सहस्त्रानेक-कार्य-लोचनायै कोटि-विद्युज्जिह्वायै महा-व्याव्यापिन्यै संहार-रुपायै जन्म-शान्ति-कारिण्यै। मम स-परिवारकस्य भावि-भूत-भवच्छत्रून् स-दाराऽपत्यान् संहारय संहारय, महा-प्रभावं दर्शय दर्शय, हिलि हिलि, किलि किलि, मिलि मिलि, चिलि चिलि, भूरि भूरि, विद्युज्जिह्वे, ज्वल ज्वल, प्रज्वल प्रज्वल, ध्वंसय ध्वंसय, प्रध्वंसय प्रध्वंसय, ग्रासय ग्रासय, पिब पिब, नाशय नाशय, त्रासय त्रासय, वित्रासय वित्रासय, मारय मारय, विमारय विमारय, भ्रामय भ्रामय, विभ्रामय विभ्रामय, द्रावय द्रावय, विद्रावय विद्रावय हूं हूं फट् स्वाहा।।
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navgrah mantraॐ आत्रेयाय विद्महे सोमपुत्राय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।
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