प्रपंचसार सिद्धि (इंद्र) सिद्ध मंत्र
इदमिन्द्र प्रति हव्यं गृभाय सत्याः सन्तु यजमानस्य कामाः
महान उपलब्धियों और सफलता की प्राप्ति 88। यह मंत्र मानसिक स्पष्टता (Mental clarity) लाता है, सकारात्मक सोच को मजबूत करता है, और साधक की सभी महान इच्छाओं को सत्य (फलीभूत) करता है 88।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
महान उपलब्धियों और सफलता की प्राप्ति 88। यह मंत्र मानसिक स्पष्टता (Mental clarity) लाता है, सकारात्मक सोच को मजबूत करता है, और साधक की सभी महान इच्छाओं को सत्य (फलीभूत) करता है 88।
इस मंत्र से क्या होगा?
महान उपलब्धियों और सफलता की प्राप्ति 88
यह मंत्र मानसिक स्पष्टता (Mental clarity) लाता है, सकारात्मक सोच को मजबूत करता है, और साधक की सभी महान इच्छाओं को सत्य (फलीभूत) करता है
जाप विधि
यज्ञ (Homa) के दौरान पूर्ण श्रद्धा भाव से आहुति देते हुए इंद्र देव का आह्वान कर इस मंत्र का पाठ किया जाता है 88।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
जय सीता राम जय जय हनुमान
shanti mantraॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्माऽमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
kavach mantraस्कन्धौ पातु गजस्कन्धः स्तनौ विघ्नविनाशनः । हृदयं गणनाथस्तु हेरम्बो जठरं महान् ॥ धराधरः पातु पार्श्वौ पृष्ठं विघ्नहरः शुभः । लिङ्गं गुह्यं सदा पातु वक्रतुण्डो महाबलः ॥ गणक्रीडो जानुजङ्घे ऊरू मङ्गलमूर्तिमान् । एकदन्तो महाबुद्धिः पादौ गुल्फौ सदाऽवतु ॥ क्षिप्रप्रसादनो बाहू पाणी आशाप्रपूरकः । अङ्गुलीश्च नखान्पातु पद्महस्तोऽरिनाशनः ॥ सर्वाङ्गानि मयूरेशो विश्वव्यापी सदाऽवतु । अनुक्तमपि यत्स्थानं धूम्रकेतुः सदाऽवतु ॥ आमोदस्त्वग्रतः पातु प्रमोदः पृष्ठतोऽवतु । प्राच्यां रक्षतु बुद्धीश आग्नेय्यां सिद्धिदायकः ॥ दक्षिणस्यामुमापुत्रो नैऋत्यां तु गणेश्वरः । प्रतीच्यां विघ्नहर्ताऽव्याद्वायव्यां गजकर्णकः ॥ कौबेर्यां निधिपः पायादीशान्यामीशनन्दनः । दिवाऽव्यादेकदन्तस्तु रात्रौ सन्ध्यासु विघ्नहृत् ॥ 14
sabar mantraगुरु गोरखनाथ की दुहाई। भूत-प्रेत भागे, मारो घुड़ाई। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना। गुरु गोरखनाथ की आग्या 13
dhyan mantraशान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिहृद्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
beej mantraदं