ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
पशुपतास्त्र (मूल)

पशुपतास्त्र (मूल) सिद्ध मंत्र

ॐ श्लीं पशु हुं फट्

यह ब्रह्मांड का सबसे प्रलयंकारी और अनियंत्रित अस्त्र मंत्र है 62। इसका उपयोग केवल चरम परिस्थितियों में होता है। यह मारण, उच्चाटन, और महाशत्रुओं के पूर्ण विनाश के लिए है। यह हर प्रकार के काले जादू को भ

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

यह ब्रह्मांड का सबसे प्रलयंकारी और अनियंत्रित अस्त्र मंत्र है 62। इसका उपयोग केवल चरम परिस्थितियों में होता है। यह मारण, उच्चाटन, और महाशत्रुओं के पूर्ण विनाश के लिए है। यह हर प्रकार के काले जादू को भस्म कर देता है 58।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

यह ब्रह्मांड का सबसे प्रलयंकारी और अनियंत्रित अस्त्र मंत्र है 62

02

इसका उपयोग केवल चरम परिस्थितियों में होता है

03

यह मारण, उच्चाटन, और महाशत्रुओं के पूर्ण विनाश के लिए है

04

यह हर प्रकार के काले जादू को भस्म कर देता है

जाप विधि

६ लाख जप द्वारा पुरश्चरण संपन्न किया जाता है 58। इसका दशांश (६०,०००) हवन, तर्पण और मार्जन आवश्यक है 61। विशिष्ट पशुपत अस्त्र माला और यन्त्र का उपयोग किया जाता है 62।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

kaamya mantra

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ।

mool mantra

ॐ ऐं ऐं मनो वाञ्छित सिद्धये ऐं ऐं ॐ

sabar mantra

ॐ नमो आदेश गुरु का आदेश काली काली महाकाली इन्द्र की बेटी ब्रम्हा की साली चाम की गठरी हाड़ की माला भजो आनन्द सुंदरी बाला। भरपूर वसन करले उठाई काम क्रन्ति कलिका आई लुच्ची मोहन भोग भेट कड़ाही जहा भेजा वहा जाई कष्ट दुखो से लेव बचाई सभी देत्यन को मार भगाई आदि अंत तू रही सहाई में पूत तू मेरी माई सब दुखन से लेव बचाई गुरु की शक्ति हमारी भक्ति फुरे मंत्र दोहाई काली की ईश्वरो वाचा 12

ugra mantra

ॐ हूं स्फारय-स्फारय, मारय-मारय, शत्रु-वर्गान् नाशय-नाशय स्वाहा

naam mantra

हरि

dhyan mantra

ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥