भगवती नारायणी काम्य मंत्र
प्रणतानां प्रसीद त्वं देवि विश्वार्तिहारिणि। त्रैलोक्यवासिनामीड्ये लोकानां वरदा भव॥
जीवन में अकारण छाई उदासी का नाश, अपार प्रसन्नता एवं आत्म-संतुष्टि की प्राप्ति 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
जीवन में अकारण छाई उदासी का नाश, अपार प्रसन्नता एवं आत्म-संतुष्टि की प्राप्ति 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में अकारण छाई उदासी का नाश, अपार प्रसन्नता एवं आत्म-संतुष्टि की प्राप्ति
जाप विधि
नित्य पूजा के समय स्तुति स्वरूप जप 28।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्माऽमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
dhyan mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
mool mantraॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये। वरवर्दा सर्वजन्म में वशमान्यै नमः
vaidik mantraॐ आ ते वत्सो मनो यमत्परमाच्चित्सधस्थात् । अग्ने त्वां कामये गिरा ॥
stotra mantraगरूड़ो भगवान् स्तोत्रस्तोभश्छन्दोमयः प्रभुः। रक्षत्वशेषकृच्छ्रेभ्यो विष्वक्सेनः स्वनामभिः।। 7
navgrah mantraॐ प्रभाकराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।