ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवती नारायणी

भगवती नारायणी काम्य मंत्र

सर्वस्य बुद्धिरुपेण जनस्य हृदि संस्थिते। स्वर्गापवर्गदे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

इहलोक में सुखों को भोगकर मरणोपरांत स्वर्ग और परम मोक्ष की प्राप्ति 28।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

इहलोक में सुखों को भोगकर मरणोपरांत स्वर्ग और परम मोक्ष की प्राप्ति 28।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

इहलोक में सुखों को भोगकर मरणोपरांत स्वर्ग और परम मोक्ष की प्राप्ति

जाप विधि

नित्य रुद्राक्ष माला से देवी का ध्यान करते हुए जप 28।

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