ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
बटुक भैरव (आपदुद्धारक मूल मंत्र)

बटुक भैरव (आपदुद्धारक मूल मंत्र) मूल मंत्र

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय

जीवन में अचानक आने वाली विपत्तियों का त्वरित नाश, घोर संकटों से मुक्ति, कलह का शमन एवं साधक की अकाल मृत्यु से पूर्ण रक्षा 8।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

जीवन में अचानक आने वाली विपत्तियों का त्वरित नाश, घोर संकटों से मुक्ति, कलह का शमन एवं साधक की अकाल मृत्यु से पूर्ण रक्षा 8।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीवन में अचानक आने वाली विपत्तियों का त्वरित नाश, घोर संकटों से मुक्ति, कलह का शमन एवं साधक की अकाल मृत्यु से पूर्ण रक्षा

जाप विधि

रात्रि काल (विशेषकर रात ९:०० से १२:०० बजे के मध्य) में काले या लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष माला से जप किया जाना चाहिए। भैरव यंत्र के समक्ष सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करना अत्यंत फलदायी माना गया है 8।

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