कुबेर (सामान्य मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः
आर्थिक संकटों का निवारण, धन-संपदा में अपार वृद्धि, ऋण मुक्ति एवं व्यापार में स्थायित्व व तरक्की 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
आर्थिक संकटों का निवारण, धन-संपदा में अपार वृद्धि, ऋण मुक्ति एवं व्यापार में स्थायित्व व तरक्की 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
आर्थिक संकटों का निवारण, धन-संपदा में अपार वृद्धि, ऋण मुक्ति एवं व्यापार में स्थायित्व व तरक्की
जाप विधि
उत्तर दिशा की ओर मुख करके पीले या हरे आसन पर बैठकर कमलगट्टे की माला से प्रतिदिन १०८ बार जप करें 1।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ महालक्ष्म्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि। तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्॥
kavach mantraपातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15
beej mantraक्रीं
ugra mantraअं ङं ञं णं नं मं
dhyan mantraमनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
stotra mantraक्षीरोदन्वत्प्रदेशे शुचिमणिविलसत्सैकतेमौक्तिकानां मालाक्लृप्तासनस्थः स्फटिकमणिनिभैमौक्तिकैर्मण्डिताङ्गः। शुभ्रैरभ्रैरदभ्रैरुपरिविरचितैर्मुक्तपीयूष वर्षेः आनन्दी नः पुनीयादरिनलिनगदा शङ्खपाणिर्मुकुन्दः ॥ 10