भगवान गणेश (वक्रतुण्ड सिद्धि मंत्र) मूल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा
जटिल से जटिल संकटों का समाधान, विघ्नों का समूल नाश तथा समाज में मान-सम्मान व प्रभाव में अत्यधिक वृद्धि 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जटिल से जटिल संकटों का समाधान, विघ्नों का समूल नाश तथा समाज में मान-सम्मान व प्रभाव में अत्यधिक वृद्धि 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
जटिल से जटिल संकटों का समाधान, विघ्नों का समूल नाश तथा समाज में मान-सम्मान व प्रभाव में अत्यधिक वृद्धि
जाप विधि
भगवान गणेश के यंत्र या प्रतिमा के समक्ष मोदक का भोग लगाकर लाल चंदन की माला से १०८ बार जप करें 1।
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श्रीं क्लीं श्रीं॥
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dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
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