ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान गणेश (वक्रतुण्ड सिद्धि मंत्र)

भगवान गणेश (वक्रतुण्ड सिद्धि मंत्र) मूल मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा

जटिल से जटिल संकटों का समाधान, विघ्नों का समूल नाश तथा समाज में मान-सम्मान व प्रभाव में अत्यधिक वृद्धि 1।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

जटिल से जटिल संकटों का समाधान, विघ्नों का समूल नाश तथा समाज में मान-सम्मान व प्रभाव में अत्यधिक वृद्धि 1।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जटिल से जटिल संकटों का समाधान, विघ्नों का समूल नाश तथा समाज में मान-सम्मान व प्रभाव में अत्यधिक वृद्धि

जाप विधि

भगवान गणेश के यंत्र या प्रतिमा के समक्ष मोदक का भोग लगाकर लाल चंदन की माला से १०८ बार जप करें 1।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

tantrik mantra

ॐ बं बटुकाय नमः

ugra mantra

ॐ ह्रीं मैं भीमाय नमः

kavach mantra

नासिकां पातु मे लक्ष्मीः कमला पातु लोचनम् ॥ ॐ श्रीं पद्मालयायै स्वाहा वक्षः सदावतु ॥ पातु श्रीर्मम कंकालं बाहुयुग्मं च ते नमः ॥ ओम ह्रीम श्रीम लक्ष्मी नमः चिरकाल तक मेरे पैरों का पालन करें ओम ह्रीम श्रीम नमः पद्माए स्वाहा नितम भाग की रक्षा करें ओम श्रीम महालक्ष्मी स्वाहा मेरे सर्वांग की सदा रक्षा करें ओम ह्रीम श्रीम क्लीम महालक्ष्मी स्वाहा आद्या शक्ति महालक्ष्मी भक्तानुग्रहकारिणी धारके पाठके चैव निश्चला निवसे ध्रुवं तंत्रोक्तम लक्ष्मी कवच संपूर्ण ओम 31

sabar mantra

ऊँ नमो आदेश गुरु गोरखनाथ की। शत्रु सवा लाख, एक मरे तो सब सिधाय 13

bhakti mantra

हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे

gyan mantra

सदसस्पतिमद्भुतं प्रियमिन्द्रस्य काम्यम् । सनिं मेधामयासिषं स्वाहा ॥