शनि नवग्रह मंत्र
ॐ काश्यपाय विद्महे सूर्यपुत्राय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्।
पिता-पुत्र के मध्य के विवादों का शमन, पैतृक संपत्ति की प्राप्ति और अहंकार के नाश हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पिता-पुत्र के मध्य के विवादों का शमन, पैतृक संपत्ति की प्राप्ति और अहंकार के नाश हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
पिता-पुत्र के मध्य के विवादों का शमन, पैतृक संपत्ति की प्राप्ति और अहंकार के नाश हेतु
जाप विधि
शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर एक सौ आठ बार जप। 16
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