कूर्म अवतार मूल मंत्र
ॐ कूर्माय नमः
जीवन में अचल स्थायित्व एवं संतुलन की प्राप्ति, भवन निर्माण से संबंधित कार्यों में सफलता एवं दीर्घायु की प्राप्ति 15।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन में अचल स्थायित्व एवं संतुलन की प्राप्ति, भवन निर्माण से संबंधित कार्यों में सफलता एवं दीर्घायु की प्राप्ति 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में अचल स्थायित्व एवं संतुलन की प्राप्ति, भवन निर्माण से संबंधित कार्यों में सफलता एवं दीर्घायु की प्राप्ति
जाप विधि
पीले वस्त्र धारण कर स्थिर आसन पर बैठकर तुलसी या स्फटिक की माला से ४५ दिनों तक नित्य १०८ बार जप करने का विधान है 15।
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beej mantraभ्रीं
stotra mantraईशानः प्राणदः प्राणो ज्येष्ठः श्रेष्ठः प्रजापतिः । हिरण्यगर्भो भूगर्भो माधवो मधुसूदनः ॥ 12