जगन्माता काम्य मंत्र
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥
विश्वव्यापी भारी विपत्तियों का नाश और सम्पूर्ण चराचर जगत् की रक्षा 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
विश्वव्यापी भारी विपत्तियों का नाश और सम्पूर्ण चराचर जगत् की रक्षा 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
विश्वव्यापी भारी विपत्तियों का नाश और सम्पूर्ण चराचर जगत् की रक्षा
जाप विधि
घोर महामारी, युद्ध या प्राकृतिक आपदा के समय सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत सम्पुटित पाठ करें 28।
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