जगन्माता काम्य मंत्र
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥
विश्वव्यापी भारी विपत्तियों का नाश और सम्पूर्ण चराचर जगत् की रक्षा 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
विश्वव्यापी भारी विपत्तियों का नाश और सम्पूर्ण चराचर जगत् की रक्षा 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
विश्वव्यापी भारी विपत्तियों का नाश और सम्पूर्ण चराचर जगत् की रक्षा
जाप विधि
घोर महामारी, युद्ध या प्राकृतिक आपदा के समय सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत सम्पुटित पाठ करें 28।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे श्मशान कालिकायै सर्व बाधा निवारणाय सर्व शत्रु संहारणाय मम रक्षां कुरु कुरु स्वाहा
shanti mantraॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पुर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ पुनन्तु मा देवजनाः पुनन्तु मनसा धियः । पुनन्तु विश्वा भूतानि जातवेदः पुनीहि मा ॥
dhyan mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
mool mantraॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
stotra mantraकमले कमलाक्ष वल्लभे त्वं करुणा पूर तरङ्गितैरपाङ्गैः । अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः ॥ 26