देवी दुर्गा काम्य मंत्र
सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्तिप्रदायिनी। त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तयः॥
मरणोपरांत स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
मरणोपरांत स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
मरणोपरांत स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति
जाप विधि
मोक्ष की कामना से नित्य स्तुति और जप 28।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ आप्यायस्व समेतु ते विश्वतः सोम वृष्णियम्। भवा वाजस्य संगथे।।
bhakti mantraजय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानंद श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द
gyan mantraॐ नमो भगवति सरस्वती परमेश्वरी वाग्वादिनी मं विद्यां देहि भगवति हंसवाहिनी हंससमारूढा बुद्धिं देहि देहि प्रज्ञां देहि देहि विद्या परमेश्वरी सरस्वती स्वाहा ॥
dhyan mantraअतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥
sabar mantraक्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18
ugra mantraॐ खें खां खं फट् प्राण-ग्रहासि प्राण-ग्रहासि हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणाय शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा