देवी दुर्गा काम्य मंत्र
सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्तिप्रदायिनी। त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तयः॥
मरणोपरांत स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
मरणोपरांत स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
मरणोपरांत स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति
जाप विधि
मोक्ष की कामना से नित्य स्तुति और जप 28।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ सर्वेषां स्वस्तिर्भवतु । सर्वेषां शान्तिर्भवतु । सर्वेषां पूर्णं भवतु । सर्वेषां मङ्गलं भवतु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
beej mantraकें
stotra mantraपद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि । परमेशि जगन्माता महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 29
mool mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा
navgrah mantraॐ काश्यपाय विद्महे सूर्यपुत्राय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्।
dhyan mantraॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥