ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
माता सरस्वती

माता सरस्वती काम्य मंत्र

ॐ ऐं ऐं श्रीं श्रीं ह्रीं श्रीं पूर्ण पूर्ण वाक्सिद्धिं वाक्सिद्धिं दिव्यं दिव्यं आगच्छ आगच्छ ह्रीं श्रीं श्रीं ऐं ऐं ॐ ॐ नमः नमः।

कुशाग्र बुद्धि, प्रबल स्मरण शक्ति, वाक् सिद्धि और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता 18।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

कुशाग्र बुद्धि, प्रबल स्मरण शक्ति, वाक् सिद्धि और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता 18।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

कुशाग्र बुद्धि, प्रबल स्मरण शक्ति, वाक् सिद्धि और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता

जाप विधि

स्फटिक या अकीक की माला का उपयोग कर नित्य पूर्ण एकाग्रता से जप करें 18।

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सकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17

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या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥