भगवान विष्णु बीज बीज मंत्र
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इस बीज मंत्र का उद्देश्य साधक को अपार धन, उत्कृष्ट स्वास्थ्य, ईश्वरीय सुरक्षा, सुखी वैवाहिक जीवन और सभी सांसारिक एवं आध्यात्मिक दिशाओं में विजय प्रदान करना है 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
इस बीज मंत्र का उद्देश्य साधक को अपार धन, उत्कृष्ट स्वास्थ्य, ईश्वरीय सुरक्षा, सुखी वैवाहिक जीवन और सभी सांसारिक एवं आध्यात्मिक दिशाओं में विजय प्रदान करना है 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
इस बीज मंत्र का उद्देश्य साधक को अपार धन, उत्कृष्ट स्वास्थ्य, ईश्वरीय सुरक्षा, सुखी वैवाहिक जीवन और सभी सांसारिक एवं आध्यात्मिक दिशाओं में विजय प्रदान करना है
जाप विधि
प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शुद्ध होकर, तुलसी या पीले रंग के आसन पर बैठकर नित्य 108 बार जप करें 23।
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ॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
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