ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
गुरु / बृहस्पति

गुरु / बृहस्पति मूल मंत्र

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः (सामान्य मूल: ॐ गुरवे नमः)

बृहस्पति के अशुभ प्रभावों का शमन, उच्च शिक्षा, विवाह में आ रही बाधाओं का निवारण, यश तथा असीम सौभाग्य व आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति 47।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

बृहस्पति के अशुभ प्रभावों का शमन, उच्च शिक्षा, विवाह में आ रही बाधाओं का निवारण, यश तथा असीम सौभाग्य व आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति 47।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

बृहस्पति के अशुभ प्रभावों का शमन, उच्च शिक्षा, विवाह में आ रही बाधाओं का निवारण, यश तथा असीम सौभाग्य व आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति

जाप विधि

गुरुवार को प्रातःकाल पीले वस्त्र पहनकर हल्दी या स्फटिक की माला से उत्तर दिशा की ओर मुख करके जप करें। अनुष्ठान हेतु ४० दिनों में १६,००० जप का विधान है 47।

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