भगवान श्री अय्यप्पा भक्ति मंत्र
स्वामीये शरणं अय्यप्पा
यह मंत्र अहंकार का नाश कर जीवन में असीम विनम्रता लाता है, आध्यात्मिक विकास और आत्म-साक्षात्कार में सहायक है, तथा भगवान अय्यप्पा की दिव्य सुरक्षा, मानसिक स्पष्टता और शांति प्रदान करता है 66।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
यह मंत्र अहंकार का नाश कर जीवन में असीम विनम्रता लाता है, आध्यात्मिक विकास और आत्म-साक्षात्कार में सहायक है, तथा भगवान अय्यप्पा की दिव्य सुरक्षा, मानसिक स्पष्टता और शांति प्रदान करता है 66।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह मंत्र अहंकार का नाश कर जीवन में असीम विनम्रता लाता है, आध्यात्मिक विकास और आत्म-साक्षात्कार में सहायक है, तथा भगवान अय्यप्पा की दिव्य सुरक्षा, मानसिक स्पष्टता और शांति प्रदान करता है
जाप विधि
इस मंत्र का जप ४१ दिन के कठोर व्रत (मंडल पूजा) के दौरान या नित्य पूजा में तुलसी अथवा रुद्राक्ष की माला से किया जाता है 66। पूर्ण सात्विक जीवन (ब्रह्मचर्य, शाकाहार) जीते हुए, भगवान के समक्ष पूर्ण समर्पण के भाव से इसे समूह (सामूहिक जप) में या व्यक्तिगत रूप से निरंतर जपना चाहिए 66।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
शं
vaidik mantraॐ त्वं नो अग्ने महोभिः पाहि विश्वस्या अरातेः । उत द्विषो मर्त्यस्य ॥
stotra mantraदुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयुथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः।। 7
tantrik mantraॐ हं सं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः
navgrah mantraॐ क्रीं क्रीं हूं हूं टं टङ्कधारिणे राहवे रं ह्रीं श्रीं भैं स्वाहा॥
naam mantraमहालक्ष्मी