श्री गणेश जप मंत्र
ॐ गण गणपतये नमः
सर्व विघ्न निवारण, कार्यों में निर्बाध सफलता, आत्म-विश्वास में वृद्धि तथा मानसिक एकाग्रता प्राप्ति। 17
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्व विघ्न निवारण, कार्यों में निर्बाध सफलता, आत्म-विश्वास में वृद्धि तथा मानसिक एकाग्रता प्राप्ति। 17
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्व विघ्न निवारण, कार्यों में निर्बाध सफलता, आत्म-विश्वास में वृद्धि तथा मानसिक एकाग्रता प्राप्ति
जाप विधि
१०८ बार (१ माला), रुद्राक्ष या स्फटिक माला, प्रातः काल पूर्व दिशा की ओर मुख करके। 2
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ आदित्याय नमः
sabar mantraओम नमो भूत प्रेत पिशाच दुष्ट दृष्टि विनाशाय ओम क्लीम स्वाहा 27
ugra mantraॐ नमो महादेव को काला भैरव काली रात भैरव चले अमावसरा आगे भैरव पीछे भैरव बाएं भैरव बाएं भैरव ऊपर पर आकाश भैरव नीचे पाताल भैरव पांच कोष पूरब बांध पांच कोष पश्चिम बांध पांच कोष उत्तर पांच कोष दक्षिण बांध जल थल वन गिरी गुफा बांध सात लोक सात पाताल नौ खंड बांध घर बांध दरवाजा बांध डाकनी साकनी पिशाचनी बांध भूत प्रेत वैताल खबीस चुड़ैल बांध मरघट कोशान शमशान की राख हवेरी की विद्या घोर क्रिया बांध भैरव की जंजीर चले हर बुरी बला दुष्ट शक्ति को बांध मृत्यु का भय काल की छाया समय की रेखा मंत्र की शक्ति तंत्र को प्रहार हाथ का खप्पर शत्रु का अस्त्रघात बांध हर बुरी बला दुष्ट शत्रु से रक्षा कर लीला ऐसा मार्ग खोले ना खुले जो खोले भैरव करंड से शत्रु नरक को जाए भाई शिव शंकर की दुहाई मदाकारी की ओम भैरवाय नमः
naam mantraजातवेद
navgrah mantraॐ काश्यपाय विद्महे सूर्यपुत्राय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्।
tantrik mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं ॐ ह्रीं ह्रीं हूं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा