सविता देव (गायत्री) जप मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
बुद्धिमत्ता (मेधा) का विकास, चेतना का दिव्यकरण, ज्ञान प्राप्ति और अज्ञान रूपी अंधकार का नाश। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
बुद्धिमत्ता (मेधा) का विकास, चेतना का दिव्यकरण, ज्ञान प्राप्ति और अज्ञान रूपी अंधकार का नाश। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
बुद्धिमत्ता (मेधा) का विकास, चेतना का दिव्यकरण, ज्ञान प्राप्ति और अज्ञान रूपी अंधकार का नाश
जाप विधि
त्रिकाल संध्या (प्रातः, दोपहर, सायं) में १०८ बार, रुद्राक्ष या तुलसी की माला। 2
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