मंगल देव जप मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि। 60
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि। 60
इस मंत्र से क्या होगा?
अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि
जाप विधि
१०००० जप संख्या (४० दिन में), मूंगा या रुद्राक्ष माला, मंगलवार। (वैकल्पिक: ॐ अं अंगारकाय नमः) 24
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