ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
मंगल देव

मंगल देव जप मंत्र

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि। 60

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि। 60

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि

जाप विधि

१०००० जप संख्या (४० दिन में), मूंगा या रुद्राक्ष माला, मंगलवार। (वैकल्पिक: ॐ अं अंगारकाय नमः) 24

विशेष टिप्पणियाँ

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या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥

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ओम चौकी हनुमत वीर की बाण ध्वजा फहराए मारू मारू मारुत सुत मुष्टिक शत्रु नसाय मेरे इष्ट रामचंद्र जी अगुवा हनुमंता वीर चौकी सुदर्शन चक्र की रक्षा करें शरीर टोना ब्रह्म भूत प्रेत संग डाईन डाकिनी सांप बिच्छू चोर बट सब कुछ निष्फल जाई 6