मंगल देव जप मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि। 60
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि। 60
इस मंत्र से क्या होगा?
अकारण क्रोध व रक्त संबंधी दोषों का नाश, ऋण मुक्ति और साहस में अपार वृद्धि
जाप विधि
१०००० जप संख्या (४० दिन में), मूंगा या रुद्राक्ष माला, मंगलवार। (वैकल्पिक: ॐ अं अंगारकाय नमः) 24
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प्रीं
stotra mantraसर्वापद्भ्यो हरेर्नामरूपयानायुधानि नः। बुद्धिन्द्रियमनः प्राणान् पान्तु पार्षदभूषणाः।। 7
kavach mantraशम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8
mool mantraॐ यमाय नमः
naam mantraकेसरीनंदन
kaamya mantraसर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥