ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
चण्डी (उत्कीलन-२)

चण्डी (उत्कीलन-२) जप मंत्र

ॐ श्रीं क्लीं ह्रीं सप्तशति चण्डिके उत्कीलनं कुरु कुरु स्वाहा

सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ। 29

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ। 29

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ

जाप विधि

२१ बार जप। 29

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