चण्डी (उत्कीलन-२) जप मंत्र
ॐ श्रीं क्लीं ह्रीं सप्तशति चण्डिके उत्कीलनं कुरु कुरु स्वाहा
सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ। 29
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ। 29
इस मंत्र से क्या होगा?
सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ
जाप विधि
२१ बार जप। 29
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
काल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
kaamya mantraहारेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला। अपराजिता भद्ररता करोतु विजयं मम॥
beej mantraकं
navgrah mantraॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु। यद्दीदयच्छवस ऋतुप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।।
stotra mantraमहालक्ष्म्यष्टक स्तोत्रं यः पठेद्भक्तिमान्नरः । सर्वसिद्धिमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोतिसर्वदा ॥ एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनम् । द्विकालंयःपठेन्नित्यं धनधान्यसमन्वितः ॥ त्रिकालं यःपठेन्नित्यं महाशत्रुविनाशनम् । महालक्ष्मीर्भवेन्नित्यंप्रसन्न वरदा शुभा ॥ 29