चण्डी (उत्कीलन-२) जप मंत्र
ॐ श्रीं क्लीं ह्रीं सप्तशति चण्डिके उत्कीलनं कुरु कुरु स्वाहा
सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ। 29
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ। 29
इस मंत्र से क्या होगा?
सप्तशती मंत्रों का उत्कीलन (बंधन खोलना) जिससे वे तत्काल जाग्रत हो जाएँ
जाप विधि
२१ बार जप। 29
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ॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा
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bhakti mantraॐ सूर्याय नमः
navgrah mantraॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥