श्री हनुमान जप मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्
आत्मविश्वास एवं अदम्य साहस में वृद्धि, शारीरिक बल प्राप्ति और हर प्रकार के भय का शमन। 65
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
आत्मविश्वास एवं अदम्य साहस में वृद्धि, शारीरिक बल प्राप्ति और हर प्रकार के भय का शमन। 65
इस मंत्र से क्या होगा?
आत्मविश्वास एवं अदम्य साहस में वृद्धि, शारीरिक बल प्राप्ति और हर प्रकार के भय का शमन
जाप विधि
१०८ बार, रुद्राक्ष या लाल मूंगा माला, मंगलवार या शनिवार को। 64
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ त्वमग्ने यज्ञानां होता विश्वेषां हितः । देवेभिर्मानुषे जने ॥
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
gyan mantraॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
stotra mantraकूजन्तं राम-रामेति मधुरं मधुराक्षरम् । आरुह्य कविताशाखां वन्दे वाल्मीकिकोकिलम् ॥ 16
mool mantraॐ नृं नृं नृं नरसिंहाय नमः
tantrik mantraॐ ह्रीं श्रीं क्लीं भुवनेश्वर्यै नमः