श्री हनुमान जप मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्
आत्मविश्वास एवं अदम्य साहस में वृद्धि, शारीरिक बल प्राप्ति और हर प्रकार के भय का शमन। 65
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
आत्मविश्वास एवं अदम्य साहस में वृद्धि, शारीरिक बल प्राप्ति और हर प्रकार के भय का शमन। 65
इस मंत्र से क्या होगा?
आत्मविश्वास एवं अदम्य साहस में वृद्धि, शारीरिक बल प्राप्ति और हर प्रकार के भय का शमन
जाप विधि
१०८ बार, रुद्राक्ष या लाल मूंगा माला, मंगलवार या शनिवार को। 64
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