गुरु नवग्रह मंत्र
ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु। यद्दीदयच्छवस ऋतुप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।।
गुरु के मकर राशि (नीच) में होने, राहु के साथ गुरु-चांडाल योग बनाने पर उत्पन्न शिक्षा में गंभीर बाधा, विवाह में विलंब, यकृत (Liver), प्लीहा (Spleen) एवं मेद (Fat/Tumor) संबंधी असाध्य रोगों के निवारण तथ
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
गुरु के मकर राशि (नीच) में होने, राहु के साथ गुरु-चांडाल योग बनाने पर उत्पन्न शिक्षा में गंभीर बाधा, विवाह में विलंब, यकृत (Liver), प्लीहा (Spleen) एवं मेद (Fat/Tumor) संबंधी असाध्य रोगों के निवारण तथा भाग्य व उत्तम संतान सुख की प्राप्ति हेतु यह वैदिक मंत्र अचूक है। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
गुरु के मकर राशि (नीच) में होने, राहु के साथ गुरु-चांडाल योग बनाने पर उत्पन्न शिक्षा में गंभीर बाधा, विवाह में विलंब, यकृत (Liver), प्लीहा (Spleen) एवं मेद (Fat/Tumor) संबंधी असाध्य रोगों के निवारण तथा भाग्य व उत्तम संतान सुख की प्राप्ति हेतु यह वैदिक मंत्र अचूक है
जाप विधि
गुरुवार को गुरु की होरा अथवा पुनर्वसु, विशाखा या पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा की ओर मुख करके प्रारंभ करें। पीले आसन पर हल्दी, पीले चंदन या पुखराज की माला से चालीस दिनों के भीतर उन्नीस हजार मंत्रों का जप पूर्ण करें। पीपल वृक्ष की लकड़ी से दशांश हवन का विशेष विधान है। 7
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
श्वेताम्बरधरे देवि नानालङ्कारभूषिते । जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 29
kavach mantraपातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15
mool mantraॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
beej mantraदं
shanti mantraॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraॐ नमो महा पाशुपतास्त्राय स्मरण मात्रेण प्रकटय प्रकटय शीघ्रं आगच्छ आगच्छ मम सर्व शत्रु सैन्यं विध्वंसय विध्वंसय मारय मारय हुं फट्