भगवान (बलराम अवतार) नाम मंत्र
बलराम
भ्रातृ-प्रेम (भाई-चारे) में वृद्धि, अन्न-धन की पूर्णता एवं दुष्टों का संहार।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भ्रातृ-प्रेम (भाई-चारे) में वृद्धि, अन्न-धन की पूर्णता एवं दुष्टों का संहार।
इस मंत्र से क्या होगा?
भ्रातृ-प्रेम (भाई-चारे) में वृद्धि, अन्न-धन की पूर्णता एवं दुष्टों का संहार
जाप विधि
हल या भूमि का ध्यान करते हुए वैखरी जप।
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न मां त्यजेथाः श्रितकल्पवल्लि सद्भक्ति-चिन्तामणि-कामधेनो । न मां त्यजेथा भव सुप्रसन्ने गृहे कलत्रेषु च पुत्रवर्गे ॥ 27
sabar mantraराम कुण्डली, ब्रह्मचाक । तेतीस कोटि देवा देवा अमुक की बेड़ियां । अमुकेर अंकेर बाण काटम्। शर काटम् । संधान काटम् । कुज्ञान काटम् । कारवणे काटे । राजा रामचन्द्रेर आज्ञा । राजा रामचन्द्ररे ऐई झण्डी अमुकेर अंगे शीघ्र लागूगे 25
vaidik mantraॐ यां मेधां देवगणाः पितरश्चोपासते । तया मामद्य मेधयाग्ने मेधाविनं कुरु स्वाहा ॥
gyan mantraयां मेधां देवगणाः पितरश्चोपासते । तया मामद्य मेधयाऽग्ने मेधाविनं कुरु स्वाहा ॥
navgrah mantraॐ शीतप्रभाय विद्महे षोडशकलाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात्।
kaamya mantraयस्याः प्रभावमतुलं भगवाननन्तो ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तुमलं बलं च। सा चण्डिकाखिलजगत्परिपालनाय नाशाय चाशुभभयस्य मतिं करोतु॥