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उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान हनुमान (रुद्रात्मक मूल मंत्र)

भगवान हनुमान (रुद्रात्मक मूल मंत्र) मूल मंत्र

ॐ नमो हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्

घोर शत्रुओं का शमन, असाध्य रोगों का निवारण, तंत्र-बाधा का विनाश एवं भूत-प्रेत आदि के भय से पूर्ण मुक्ति 43।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

घोर शत्रुओं का शमन, असाध्य रोगों का निवारण, तंत्र-बाधा का विनाश एवं भूत-प्रेत आदि के भय से पूर्ण मुक्ति 43।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

घोर शत्रुओं का शमन, असाध्य रोगों का निवारण, तंत्र-बाधा का विनाश एवं भूत-प्रेत आदि के भय से पूर्ण मुक्ति

जाप विधि

पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए तथा आहार में सात्विकता (फलाहार/पयाहार) रखते हुए, हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाकर लाल चंदन की माला से जप करें 43।

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