काल भैरव मूल मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रीमे ह्रौं क्षं क्षेत्रपालाय काल भैरवाय नमः
तंत्र-मंत्र व काले जादू की बाधाओं का नाश, अवांछित दुष्ट शक्तियों से क्षेत्र व देह की रक्षा एवं समय (काल) के दुष्प्रभाव से पूर्ण मुक्ति 9।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
तंत्र-मंत्र व काले जादू की बाधाओं का नाश, अवांछित दुष्ट शक्तियों से क्षेत्र व देह की रक्षा एवं समय (काल) के दुष्प्रभाव से पूर्ण मुक्ति 9।
इस मंत्र से क्या होगा?
तंत्र-मंत्र व काले जादू की बाधाओं का नाश, अवांछित दुष्ट शक्तियों से क्षेत्र व देह की रक्षा एवं समय (काल) के दुष्प्रभाव से पूर्ण मुक्ति
जाप विधि
भैरवाष्टमी या कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में रुद्राक्ष माला से न्यूनतम १०८ बार जप करें। काल भैरव यंत्र स्थापित कर पूजन के पश्चात् यह जप अधिक प्रभावी होता है 9।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ह्रीं मैं भीमाय नमः
siddh mantraॐ गं गरिमायै नमः स्वाहा ।
gyan mantraमेधां मे वरुणो ददातु मेधामग्निः प्रजापतिः । मेधामिन्द्रश्च वायुश्च मेधां धाता ददातु मे स्वाहा ॥
navgrah mantraॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरूवे नमः॥
bhakti mantraॐ भास्कराय नमः
sabar mantraॐ पीर बजरंगी राम लक्ष्मण के संगी, जहां जहां जाए, फतह के डंके बजाये, दुहाई माता अञ्जनि की आन 9