ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
वराह अवतार

वराह अवतार मूल मंत्र

ॐ वराहाय नमः

भूमि, संपत्ति एवं रियल एस्टेट विवादों में निश्चित विजय, अज्ञात भयों का शमन तथा घोर संकट एवं ऋणात्मक शक्तियों से स्थूल रक्षा 16।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

भूमि, संपत्ति एवं रियल एस्टेट विवादों में निश्चित विजय, अज्ञात भयों का शमन तथा घोर संकट एवं ऋणात्मक शक्तियों से स्थूल रक्षा 16।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भूमि, संपत्ति एवं रियल एस्टेट विवादों में निश्चित विजय, अज्ञात भयों का शमन तथा घोर संकट एवं ऋणात्मक शक्तियों से स्थूल रक्षा

जाप विधि

प्रातःकाल स्वच्छ अवस्था में बैठकर चंदन की माला से १०८ बार जप करें 16।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

siddh mantra

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं ह्सौः जगत्प्रसूत्यै नमः ॥

ugra mantra

ॐ हूं स्फारय-स्फारय, मारय-मारय, शत्रु-वर्गान् नाशय-नाशय स्वाहा

sabar mantra

ऊँ नमो आदेश गुरु गोरखनाथ की। शत्रु सवा लाख, एक मरे तो सब सिधाय 13

dhyan mantra

गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥

gyan mantra

मेधादेवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्य माना । त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान् बृहद्वदेम विदथे सुवीराः । त्वया जुष्ट ऋषिर्भवति देवि त्वया ब्रह्माऽऽगतश्रीरुत त्वया । त्वया जुष्टश्चित्रं विन्दते वसु सा नो जुषस्व द्रविणो न मेधे ॥

bhakti mantra

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव