ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शनि देव / दशरथ कृत शनि स्तोत्र

शनि देव / दशरथ कृत शनि स्तोत्र स्तोत्र मंत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च। नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने॥ तपसा दग्धदेहाय नित्यं योगरताय च । 43

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति, बाधाओं का नाश, अटके कार्यों में सफलता और सुख-शांति की प्राप्ति 37।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारस्तोत्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति, बाधाओं का नाश, अटके कार्यों में सफलता और सुख-शांति की प्राप्ति 37।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति, बाधाओं का नाश, अटके कार्यों में सफलता और सुख-शांति की प्राप्ति

जाप विधि

शनिवार को सात्विक भाव से काले आसन पर बैठकर, शनिदेव की मूर्ति के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाकर स्पष्ट उच्चारण के साथ पाठ करें 37।

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