भगवान कृष्ण नाम मंत्र
मुरारी
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय
जाप विधि
तुलसी माला पर जप या विरोधी परिस्थितियों में मानसिक स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
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यां मेधां देवगणाः पितरश्चोपासते । तया मामद्य मेधयाऽग्ने मेधाविनं कुरु स्वाहा ॥
mool mantraॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः (सामान्य मूल: ॐ चंद्राय नमः)
jap mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
kaamya mantraश्रीं क्लीं श्रीं॥
kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
sabar mantraओम ह्रीम नजर उतरजा कुरु कुरु स्वाहा 26