भगवान कृष्ण नाम मंत्र
मुरारी
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय
जाप विधि
तुलसी माला पर जप या विरोधी परिस्थितियों में मानसिक स्मरण।
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ॐ श्रीं गं गणपतये नमः
ugra mantraॐ खें खां खं फट् प्राण-ग्रहासि प्राण-ग्रहासि हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणाय शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा
siddh mantraॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट् ॥
shanti mantraॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraॐ नमो भगवते महानृसिंहाय सिंहाय सिंहमुखाय विकटाय वज्रनखाय मां रक्ष रक्ष ममशरीरं नखशिखापर्यन्तं रक्ष रक्ष कुरु कुरु मदीयं शरीरं वज्राङ्गम् कुरु कुरु परयन्त्र परमन्त्र परतन्त्राणां क्षिणु क्षिणु स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा
navgrah mantraॐ जैमिनिगोत्राय विद्महे धूम्रवर्णाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात्।