भगवान कृष्ण नाम मंत्र
मुरारी
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय
जाप विधि
तुलसी माला पर जप या विरोधी परिस्थितियों में मानसिक स्मरण।
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ॐ नृं नृं नृं नरसिंहाय नमः
sabar mantraओम नमो आदेश गुरु जी को आदेश पहला गण गणपति 14 विद्या सारथी जति सती कैलाशपति बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी साईं गोरखनाथ की दुआही गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चले मंत्र ईश्वरी वाचा पिंड कच्चा गुरु गोरखनाथ का शब्द सच्चा 24
ugra mantraॐ नृम नृम नृम नर सिंहाय नमः
dhyan mantraवसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
shanti mantraॐ शं नो मित्रः शं वरुणः । शं नो भवत्वर्यमा । शं न इन्द्रो बृहस्पतिः । शं नो विष्णुरुरुक्रमः । नमो ब्रह्मणे । नमस्ते वायो । त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्मासि । त्वामेव प्रत्यक्षं ब्रह्म वदिष्यामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
gyan mantraॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥