माता महालक्ष्मी (लक्ष्मी) बीज बीज मंत्र
ल्क्ष्मीः
माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा, परम संतुष्टि और दरिद्रता का समूल नाश 16।
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यह मंत्र क्यों?
माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा, परम संतुष्टि और दरिद्रता का समूल नाश 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा, परम संतुष्टि और दरिद्रता का समूल नाश
जाप विधि
नित्य 108 बार जप करें 16।
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ॐ ह्रौं जूं सः भूर्भुवः स्वः त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् भूर्भुवः स्वरौ जूं सः ह्रौं ॐ ॥
kavach mantraसकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17
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dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
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shanti mantraॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पुर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥