माता महालक्ष्मी (लक्ष्मी) बीज बीज मंत्र
ल्क्ष्मीः
माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा, परम संतुष्टि और दरिद्रता का समूल नाश 16।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा, परम संतुष्टि और दरिद्रता का समूल नाश 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा, परम संतुष्टि और दरिद्रता का समूल नाश
जाप विधि
नित्य 108 बार जप करें 16।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
विधेहि देवि कल्याणं विधेहि परमां श्रियम्। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
shanti mantraॐ सर्वेषां स्वस्तिर्भवतु । सर्वेषां शान्तिर्भवतु । सर्वेषां पूर्णं भवतु । सर्वेषां मङ्गलं भवतु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ येन कर्मण्यपसो मनीषिणो यज्ञे कृण्वन्ति विदथेषु धीराः । यदपूर्वं यक्षमन्तः प्रजानां तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
mool mantraॐ वामनाय नमः
dhyan mantraमनोबुद्ध्यहङ्कारचित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे। न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुश्चिदानन्दरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥
stotra mantraईश्वरो विक्रमी धन्वी मेधावी विक्रमः क्रमः । अनुत्तमो दुराधर्षः कृतज्ञः कृतिरात्मवान् ॥ 12