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उद्देश्य अनुसार मंत्र
एकादश रुद्र (कपाली रुद्र)

एकादश रुद्र (कपाली रुद्र) मूल मंत्र

ॐ हुं हुं शत्रुस्तम्भनाय हुं हुं ॐ फट्

अहंकार के शमन, घोर शत्रुओं के स्तम्भन, नकारात्मक शक्तियों के पूर्ण विनाश एवं दरिद्रता व अस्थिरता से बचाव करते हुए उत्तम स्वास्थ्य और न्याय की प्राप्ति 6।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अहंकार के शमन, घोर शत्रुओं के स्तम्भन, नकारात्मक शक्तियों के पूर्ण विनाश एवं दरिद्रता व अस्थिरता से बचाव करते हुए उत्तम स्वास्थ्य और न्याय की प्राप्ति 6।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अहंकार के शमन, घोर शत्रुओं के स्तम्भन, नकारात्मक शक्तियों के पूर्ण विनाश एवं दरिद्रता व अस्थिरता से बचाव करते हुए उत्तम स्वास्थ्य और न्याय की प्राप्ति

जाप विधि

वैदिक पुरोहितों के निर्देशन में या एकांत साधना के रूप में ४५ दिनों का अनुष्ठान किया जाता है। रुद्राक्ष की माला पर पूर्ण संयम के साथ इस मंत्र का जप किया जाता है 6।

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