त्रिदेव संघटन (Hindu Trimurti) बीज बीज मंत्र
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यह बीज मंत्र तीनों वेदों (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद) और त्रिदेवों के मिलन का रहस्यमयी नाम है, जो जीवन में त्रिगुण शक्ति का संतुलन करता है 3।
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यह मंत्र क्यों?
यह बीज मंत्र तीनों वेदों (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद) और त्रिदेवों के मिलन का रहस्यमयी नाम है, जो जीवन में त्रिगुण शक्ति का संतुलन करता है 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह बीज मंत्र तीनों वेदों (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद) और त्रिदेवों के मिलन का रहस्यमयी नाम है, जो जीवन में त्रिगुण शक्ति का संतुलन करता है
जाप विधि
मानसिक एकाग्रता के साथ 108 बार 3।
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गंगाधर
bhakti mantraॐ श्री सीतारामचन्द्राभ्यां नमः
kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
sabar mantraॐ पीर बजरंगी राम लक्ष्मण के संगी, जहां जहां जाए, फतह के डंके बजाये, दुहाई माता अञ्जनि की आन 9
dhyan mantraॐ
gyan mantraॐ श्री हयग्रीवाय नमः ॥