माता दुर्गा / दुर्गा सप्तशती (सिद्ध सम्पुट स्तोत्र) स्तोत्र मंत्र
सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 24
सभी प्रकार के कल्याण, मंगल और अभीष्ट कार्यों की सिद्धि 24।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सभी प्रकार के कल्याण, मंगल और अभीष्ट कार्यों की सिद्धि 24।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी प्रकार के कल्याण, मंगल और अभीष्ट कार्यों की सिद्धि
जाप विधि
संपूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ के अंतर्गत ज्ञानी गुरु के मार्गदर्शन में सम्पुट लगाकर जप करें 24।
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