भगवान विष्णु नाम मंत्र
अनंत
असीम ज्ञान की प्राप्ति, सभी प्रकार की सीमाओं और बंधनों से मुक्ति एवं विशाल दृष्टिकोण।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असीम ज्ञान की प्राप्ति, सभी प्रकार की सीमाओं और बंधनों से मुक्ति एवं विशाल दृष्टिकोण।
इस मंत्र से क्या होगा?
असीम ज्ञान की प्राप्ति, सभी प्रकार की सीमाओं और बंधनों से मुक्ति एवं विशाल दृष्टिकोण
जाप विधि
खुले आकाश की ओर दृष्टि कर वैखरी या मानसिक जप।
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ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
kaamya mantraॐ क्लीं श्रीं ह्रीं जूं ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॐ स्वः भुवः भूः ॐ जूं ह्रीं श्रीं क्लीं ॐ।
stotra mantraव्यासाय विष्णुरूपाय व्यासरूपाय विष्णवे । नमो वै ब्रह्मनिधये वासिष्ठाय नमो नमः ॥ 10
beej mantraस्फेम्
navgrah mantraदधिशंख तुषाराभं क्षीरोदार्णव सम्भवम्। नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुट भूषणम्॥
vaidik mantraॐ अग्निं दूतं वृणीमहे होतारं विश्ववेदसम् । अस्य यज्ञस्य सुक्रतुम् ॥