माँ तारा (उग्रतारा) बीज बीज मंत्र
त्रीं
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता
जाप विधि
नित्य 108 बार स्फटिक या रुद्राक्ष माला से जप करें 3।
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ॐ नमो नारायणाय
kavach mantraनासिकां पातु मे लक्ष्मीः कमला पातु लोचनम् ॥ ॐ श्रीं पद्मालयायै स्वाहा वक्षः सदावतु ॥ पातु श्रीर्मम कंकालं बाहुयुग्मं च ते नमः ॥ ओम ह्रीम श्रीम लक्ष्मी नमः चिरकाल तक मेरे पैरों का पालन करें ओम ह्रीम श्रीम नमः पद्माए स्वाहा नितम भाग की रक्षा करें ओम श्रीम महालक्ष्मी स्वाहा मेरे सर्वांग की सदा रक्षा करें ओम ह्रीम श्रीम क्लीम महालक्ष्मी स्वाहा आद्या शक्ति महालक्ष्मी भक्तानुग्रहकारिणी धारके पाठके चैव निश्चला निवसे ध्रुवं तंत्रोक्तम लक्ष्मी कवच संपूर्ण ओम 31
stotra mantraन विद्यते यस्य न जन्म कर्म वा न नाम रूपे गुणदोष एव वा । तथापि लोकाप्ययसम्भवाय यः स्वमायया तान्यनुकालमृच्छति ॥ 4
shanti mantraॐ स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः । गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
jap mantraसोऽहम्
tantrik mantraॐ नमो भगवते स्वर्णाकर्षण भैरवाय धन धान्य वृद्धिकराय शीघ्रं वश्यं कुरु कुरु स्वाहा