माँ तारा (उग्रतारा) बीज बीज मंत्र
त्रीं
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता
जाप विधि
नित्य 108 बार स्फटिक या रुद्राक्ष माला से जप करें 3।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
धरणीगर्भ सम्भूतं विद्युत्कांति समप्रभम्। कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम्॥
jap mantraॐ
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
vaidik mantraॐ इयं वेदिः परो अन्तः पृथिव्या अयं यज्ञो भुवनस्य नाभिः । अयं सोमो वृष्णो अश्वस्य रेतो ब्रह्मायं वाचः परमं व्योम ॥
gyan mantraइदं मे ब्रह्म च क्षत्रं चोभे श्रियमश्नुताम् । मयि देवा दधतु श्रियमुत्तमां तस्यै ते स्वाहा ॥