माँ तारा (उग्रतारा) बीज बीज मंत्र
त्रीं
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता
जाप विधि
नित्य 108 बार स्फटिक या रुद्राक्ष माला से जप करें 3।
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अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरमं राधिकाराधितम्। इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकीनन्दनं नन्दजं सन्दधे।। 9
gyan mantraॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ॐ ॥
vaidik mantraॐ यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति । दूरंगमं ज्योतिषां ज्योतिरेकं तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
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