माता अम्बिका काम्य मंत्र
शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके। घण्टास्वनेन नः पाहि चापज्यानिःस्वनेन च॥
शत्रुओं और अस्त्र-शस्त्रों के प्रहार से साधक की हर दिशा में रक्षा 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शत्रुओं और अस्त्र-शस्त्रों के प्रहार से साधक की हर दिशा में रक्षा 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रुओं और अस्त्र-शस्त्रों के प्रहार से साधक की हर दिशा में रक्षा
जाप विधि
घोर विपत्ति अथवा भय के समय सम्पुटित पाठ अथवा नित्य जप करें 28।
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