श्री राधा नाम मंत्र
वृषभानु दुलारी
पारिवारिक सुख, कन्या रत्न की प्राप्ति एवं निर्दोष, निर्मल आनंद।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पारिवारिक सुख, कन्या रत्न की प्राप्ति एवं निर्दोष, निर्मल आनंद।
इस मंत्र से क्या होगा?
पारिवारिक सुख, कन्या रत्न की प्राप्ति एवं निर्दोष, निर्मल आनंद
जाप विधि
वात्सल्य और सखा भाव से संकीर्तन करते हुए।
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ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचंद्रावतंसं रत्नाकल्पोज्ज्वलांगं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्। पद्मासीनं समंतात्स्थितममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं विश्वाद्यं विश्वबीजं निखिलभयहरं पंचवक्त्रं त्रिनेत्रम्॥
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gyan mantraॐ नमो भगवति सरस्वती परमेश्वरी वाग्वादिनी मं विद्यां देहि भगवति हंसवाहिनी हंससमारूढा बुद्धिं देहि देहि प्रज्ञां देहि देहि विद्या परमेश्वरी सरस्वती स्वाहा ॥
navgrah mantraअर्धकायं महावीर्यं चंद्रादित्य विमर्दनम्। सिंहिकागर्भ सम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्॥
jap mantraॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः