श्री राधा नाम मंत्र
वृषभानु दुलारी
पारिवारिक सुख, कन्या रत्न की प्राप्ति एवं निर्दोष, निर्मल आनंद।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पारिवारिक सुख, कन्या रत्न की प्राप्ति एवं निर्दोष, निर्मल आनंद।
इस मंत्र से क्या होगा?
पारिवारिक सुख, कन्या रत्न की प्राप्ति एवं निर्दोष, निर्मल आनंद
जाप विधि
वात्सल्य और सखा भाव से संकीर्तन करते हुए।
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ॐ सत्यं बृहदृतमुग्रं दीक्षा तपो ब्रह्म यज्ञः पृथिवीं धारयन्ति । सा नो भूतस्य भव्यस्य पत्न्युरुं लोकं पृथिवी नः कृणोतु ॥
beej mantraअं, आं, इं, ईं, उं, ऊं, ऋं, ॠं, लृं, ॡं, एं, ऐं, ओं, औं, अं, अः
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sabar mantraओम नमो भूत प्रेत पिशाच दुष्ट दृष्टि विनाशाय ओम क्लीम स्वाहा 27
kavach mantraशम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8
kaamya mantraॐ नमः मनोवाहिनी वृषभासनाय धीमहि तन्नो गिरिजा प्रचोदयात्।