भगवान शिव नाम मंत्र
केदारनाथ
कठोर तप करने की शक्ति, इंद्रियों पर आत्म-संयम एवं जीवन-मुक्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कठोर तप करने की शक्ति, इंद्रियों पर आत्म-संयम एवं जीवन-मुक्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
कठोर तप करने की शक्ति, इंद्रियों पर आत्म-संयम एवं जीवन-मुक्ति
जाप विधि
उत्तर दिशा (हिमालय) की ओर मुख करके अत्यंत शांत अवस्था में स्मरण।
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ॐ श्री गणपतये नमः
shanti mantraॐ स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः । गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे श्मशान कालिकायै सर्व बाधा निवारणाय सर्व शत्रु संहारणाय मम रक्षां कुरु कुरु स्वाहा
sabar mantraधन जैसे चुंबक खींचे लोह गोरख की आज्ञा टले नहीं मिटे साधक का मोह कीड़ा जागे पिंगला जागे सुष्मना का खुले द्वार जब तीनों नाड़ी जागे धन आवे बारंबार जैसे गंगा बहे अविरल जैसे सूरज देत उजास वैसे मेरे घर में लक्ष्मी करे सदा ही वास रुका धन चले बंद धन खुले आवे चहुं ओर से धन गोरख का शब्द सांचा रे सांचा रे गुरु का मन काल का भी काल है गोरख तीनों लोक बसेरा जो गोरख का नाम ले साधक उसका होए उजेरा उठ उठ लक्ष्मी आव बैठ मेरे द्वार गोरख की आज्ञा लेकर आव कर मेरा उद्धार शब्द सांचा पिंड कांचा सांची गुरु की बानी हुकुम गोरखनाथ का चले यही नाथ की निशानी 5
jap mantraॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
tantrik mantraॐ नमो भगवते स्वर्णाकर्षण भैरवाय धन धान्य वृद्धिकराय शीघ्रं वश्यं कुरु कुरु स्वाहा