भगवान रुद्र मूल मंत्र
ॐ नमो भगवते रूद्राय
यह मूल मंत्र मुख्य रूप से मन को शीतलता और स्थिरता प्रदान करने, उग्र असाध्य रोगों के शमन, मानसिक तनाव से मुक्ति तथा जीवन में उत्पन्न होने वाली जटिल बाधाओं को दूर कर ऐश्वर्य व कीर्ति में वृद्धि करने हेत
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
यह मूल मंत्र मुख्य रूप से मन को शीतलता और स्थिरता प्रदान करने, उग्र असाध्य रोगों के शमन, मानसिक तनाव से मुक्ति तथा जीवन में उत्पन्न होने वाली जटिल बाधाओं को दूर कर ऐश्वर्य व कीर्ति में वृद्धि करने हेतु प्रयुक्त होता है 2।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह मूल मंत्र मुख्य रूप से मन को शीतलता और स्थिरता प्रदान करने, उग्र असाध्य रोगों के शमन, मानसिक तनाव से मुक्ति तथा जीवन में उत्पन्न होने वाली जटिल बाधाओं को दूर कर ऐश्वर्य व कीर्ति में वृद्धि करने हेतु प्रयुक्त होता है
जाप विधि
शिवालय अथवा घर के पवित्र एकांत स्थान पर उत्तर दिशा की ओर अभिमुख होकर रुद्राक्ष की माला का उपयोग करते हुए इस मंत्र का जप किया जाना चाहिए 2। पूर्ण निष्ठा के साथ नित्य प्रति १०८ बार जप करने से रुद्र देव की कृपा आकर्षित होती है 1।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानंद श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द
stotra mantraआद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि । योगजेयोगसम्भूते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 29
dhyan mantraकस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्षःस्थले कौस्तुभं नासाग्रे नवमौक्तिकं करतले वेणुं करे कङ्कणम्। सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलिं गोपस्त्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणिः॥
tantrik mantraॐ बं बटुकाय नमः
vaidik mantraॐ ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत् । तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम् ॥
jap mantraॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः