भगवान रुद्र मूल मंत्र
ॐ नमो भगवते रूद्राय
यह मूल मंत्र मुख्य रूप से मन को शीतलता और स्थिरता प्रदान करने, उग्र असाध्य रोगों के शमन, मानसिक तनाव से मुक्ति तथा जीवन में उत्पन्न होने वाली जटिल बाधाओं को दूर कर ऐश्वर्य व कीर्ति में वृद्धि करने हेत
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह मूल मंत्र मुख्य रूप से मन को शीतलता और स्थिरता प्रदान करने, उग्र असाध्य रोगों के शमन, मानसिक तनाव से मुक्ति तथा जीवन में उत्पन्न होने वाली जटिल बाधाओं को दूर कर ऐश्वर्य व कीर्ति में वृद्धि करने हेतु प्रयुक्त होता है 2।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह मूल मंत्र मुख्य रूप से मन को शीतलता और स्थिरता प्रदान करने, उग्र असाध्य रोगों के शमन, मानसिक तनाव से मुक्ति तथा जीवन में उत्पन्न होने वाली जटिल बाधाओं को दूर कर ऐश्वर्य व कीर्ति में वृद्धि करने हेतु प्रयुक्त होता है
जाप विधि
शिवालय अथवा घर के पवित्र एकांत स्थान पर उत्तर दिशा की ओर अभिमुख होकर रुद्राक्ष की माला का उपयोग करते हुए इस मंत्र का जप किया जाना चाहिए 2। पूर्ण निष्ठा के साथ नित्य प्रति १०८ बार जप करने से रुद्र देव की कृपा आकर्षित होती है 1।
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