ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
🪔

रवि प्रदोष व्रत 2026

1 मार्च 2026, रविवार

अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026ताज़ा
pradosh
तिथि
1 मार्च 2026, रविवार
प्रकार
pradosh
महत्व

रवि प्रदोष व्रत का महत्व

रवि प्रदोष व्रत हिन्दू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। यह 1 मार्च 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन भक्तगण उपवास, पूजन, दान और अनुष्ठान करते हैं। प्राचीन शास्त्रों में इस पर्व के पालन से पुण्य-लाभ और मनोकामना पूर्ति का वर्णन मिलता है।

रवि प्रदोष व्रत — पूजा विधि

संबंधित लेख

श्री शनि प्रदोष व्रत कथा: संपूर्ण एवं अक्षुण्ण पारंपरिक पाठ
श्री शनि प्रदोष व्रत कथा: संपूर्ण एवं अक्षुण्ण पारंपरिक पाठ
कर्ज मुक्ति का 'रामबाण' उपाय: प्रदोष काल में चुपचाप बोलें ये गुप्त मंत्र !
कर्ज मुक्ति का 'रामबाण' उपाय: प्रदोष काल में चुपचाप बोलें ये गुप्त मंत्र !
कालभैरव शत्रु-बाधा निवारण मंत्र साधना: बटुक भैरव कवच और उग्र तांत्रिक प्रयोगों की पूर्ण विधि !
कालभैरव शत्रु-बाधा निवारण मंत्र साधना: बटुक भैरव कवच और उग्र तांत्रिक प्रयोगों की पूर्ण विधि !
मृत्यु और पापों के भय का नाश: श्री कालभैरव अष्टकम् (हिंदी अर्थ और विधि)!
मृत्यु और पापों के भय का नाश: श्री कालभैरव अष्टकम् (हिंदी अर्थ और विधि)!

इसी माह के अन्य त्योहार

3
Chhoti Holi
3
Holika Dahan
3
Vasanta Purnima
3
Chandra Grahan *Purna
3
Phalguna Purnima
3
Anvadhan

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: रवि प्रदोष व्रत 2026 में कब है?
उ: रवि प्रदोष व्रत 2026 में 1 मार्च 2026, रविवार को मनाया जाएगा।
प्र: रवि प्रदोष व्रत का क्या महत्व है?
उ: रवि प्रदोष व्रत हिन्दू धर्म का एक प्रमुख पर्व है जो प्रतिवर्ष श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है।
🎊 सभी त्योहार🎉 आगामी त्योहार