महाभारतमहाभारत में एकलव्य ने किससे शिक्षा ली?एकलव्य ने प्रत्यक्ष गुरु से नहीं, बल्कि वन में द्रोणाचार्य की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर उन्हें मन ही मन गुरु मानकर स्वयं धनुर्विद्या सीखी। द्रोण ने बाद में गुरुदक्षिणा में उसका दायाँ अंगूठा माँगा जो एकलव्य ने बिना हिचक दे दिया।#एकलव्य#गुरु द्रोण#गुरुदक्षिणा
मंत्र जप नियममाला जप में अंगूठे और मध्यमा से ही मनके क्यों फेरते हैं?अंगूठा = अग्नि/ब्रह्म। मध्यमा = आकाश (शुद्धतम)। अग्नि + आकाश = शक्ति + शून्यता। तर्जनी = वायु (चंचल — वर्जित)। 'मंत्र मुद्रा' = ऊर्जा संचार।
श्राद्ध विधितर्पण में जल कहाँ से गिराया जाता है?तर्पण में जल अंगूठे के मूल भाग से गिराया जाता है, जिसे पितृ तीर्थ कहा जाता है। यह पितरों के लिए विशेष पवित्र स्थान है, और यहाँ से गिराया गया जल सीधे पितरों तक पहुँचता है। साथ ही तस्मै स्वधा नमः मंत्र का उच्चारण किया जाता है।#तर्पण जल#पितृ तीर्थ#अंगूठा
जप की शास्त्र सम्मत विधिजप में माला किस उंगली पर रखते हैं?माला मध्यमा उंगली पर रखकर अंगूठे से एक-एक मनका खींचते हैं — कुछ वैष्णव परंपराओं में अनामिका उंगली (पृथ्वी तत्व) का भी उपयोग होता है जो साधना में स्थिरता लाती है।#मध्यमा उंगली#अंगूठा#माला संचालन